Is jahalt se niklo

 औरत सेहरी में सब से पहले जागती है, और सब घर वालों के लिए सेहरी तैयार करती है ।

लेकिन सब से आख़िर में खाती है ।

रोज़ा रखने के बाद दोपहरी में बच्चों को खाना खिलाती है ।🍜

फिर 4 बजे के बाद से इफ़्तयारी तक अपने खानदान वालों के लिए इफ़्तयारी तैयार करने में लग जाती है ।

चावल, पालक, गोशत, चटनी वगैरह तैयार करती है और साथ में यह डर भी रहता है कि पता नही कैसा पका होगा ।

🍝🍗🥩🍳

सास और ससुर के लिए अलग चीज़े पकाती है ।🍞🍇

और साथ साथ में इफ़्तयारी से पहले शौहर के गुस्से को सब्र से झेलना भी पड़ता है ।🧕🏻

तारीफ तो दूर की बात । 2-2 रोटियाँ खाने के बाद एक ठंडा ग्लास लस्सी मांगना और कहना कि नमक कम है औऱ खास ठंडा नहीं है ! 🍷🍷

और इफ़्तयारी भी पूरी की पूरी कर ली जनाब ने !!

और वो चुपके से किसी कमरे में इफ़्तयारी करती है । 

तरावीह के बाद पहर से हज़रात के लिए चाय और मेवे तैयार करने हैं ।☕🍪

और फिर से सेहरी में सब से पहले जागना है ।⏰⏰

अगर ख़ुदा न ख़स्ता नही जागी या लैट हो गयी तो सारे खानदान का गुस्सा बेचारी औरत पर गिरता है....सारा दिन ।

🙏🏼🙏🏼

आप से दरख्वास्त है कि घर की सारी औरतें, ख्वाह वो माँ हो, बीवी हो, बेटी हो, बहन हो या कोई और रिश्ता हो । उनका लाज़मी ख्याल रखना चाहिए ।

 आखिर वो भी हमारी तरह इंसान है ।

*ख़ुदा को मानो, अब उस जहालत से निकलो । यह मा'शरती पसमन्दगी खत्म करो ।*

❤*अल्लाह राज़ी हो जाएगा* ❤/Abdul Aziz salafi

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